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इस्लाम अमन व शान्ति का पैग़ाम देता है मौलाना मोहसिन

ज़ाहिद नक़वी अम्बेडकर नगर जलालपुर तहसील क्षेत्र के मौज़ा हजपुरा मे बृहस्पति को हुई शिया महिला महाविद्यालय के प्रबंधक मरहूम हसन अकबर (दुल्ले) इब्ने अख़्तर हुसैन मरहूम की मजलिसे सय्यूम का आयोजन उनके आवास पर किया गया है। सुबह 8 बजे कुरान पाक की तिलावत से शुरु हुई मजलिस को फैज़ाबाद से आये शिया धर्म गुरु मौलाना मोहम्मद हुज्जत ने ख़िताब किया। उन्हों अपने बयान में इताअते वालदैन पर विस्तार से रोशनी डाली व कहा कि इस्लाम मे अल्लाह के नज़दीक मां बाप का मर्तबा बहुत ही बुलंद है। वहीं दूसरी मजलिस को हुज्जतुल इस्लाम आलीजनब मौलाना मोहम्मद मोहसिन साहब किब्ला प्रिंसिपल वसीका अरबिक कॉलेज फैज़ाबाद ने ख़िताब फ़रमाया। मौलाना मोहम्मद मोहसिन ने अपनी तब्लीगी मजलिस मे मां बाप के साथ हुस्ने सुलूक कैसे करना चाहिए कुरान व हदीस के हवाले से पेश किया । और तमाम मोमनीन से अपील किया कि अपने बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ साथ इस्लामी तालीम भी हासिल कराएं ताकि आप का बच्चा आने वाले ज़माने मे आई । एस पी सी एस के साथ साथ क़ुरान व हदीस की भी जानकारी रखे । ताकि उसको कभी अल्लाह के नज़दीक रुसवाइयों का सामना करना न पड़े । अंत मे मौलाना ने पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे हुसैने मज़लूम पर कर्बला में पहाड़ जैसी मुसीबतों का सामना होते हुए भी शुक्रे खुदा बजा लाना कमाले हुसैनी था । आज इस्लाम व क़ुरान का बाकी होना उस हुसैने मज़लूम की शहादत का सिला है। अंत मे मौलाना ने जैसे ही मसाएबे कर्बला पढ़ना शुरु किया मजलिस मे मौजूद मोमनीन की आखें नम हो गई। मजलिस मे भारी संख्या मे मोमनीन ने शिरकत की । बाद मजलिस नज़रे मौला का माक़ूल इंतेज़ाम था।