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बसपा के गढ़ में सपा ने फहराया अपना झंडा

अम्बेडकरनगर: उत्तर प्रदेश विधानसभा उप चुनाव में जनपद अम्बेडकरनगर की जलालपुर सीट पर समाजवादी पार्टी ने कब्जा जमा लिया है.सपा प्रत्याशी सुभाष राय ने बसपा प्रत्याशी छाया वर्मा को 776 वोटों से हराया,जबकि भाजपा अपना अस्तित्व बचाने में पीछे रही. आपको बता दु, छाया वर्मा बसपा विधान मंडल दल के नेता लालजी वर्मा की पुत्री     है. 
            सपा प्रत्याशी सुभाष राय को (72589)वोट मिले हैं. वही बसपा उम्मीदवार डॉ.छाया वर्मा को 71813 वोट मिले हैं.भाजपा उम्मीदवार डॉ.राजेश सिंह को 63390 मत प्राप्त हुए हैं. इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सुनील मिश्रा को केवल 2521 वोट मिले हैं.बता दु जलालपुर विधानसभा की सीट बसपा के खाते में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में रितेश पांडेय को मिली थी.इसके बाद यह सीट उनके सांसद बनने के बाद खाली हुई.गुरुवार को रिजल्ट आने के बाद बसपा ने अपनी सीट गवां दी और भाजपा का प्रयास पूरी तरह से निष्फल रहा. 
बताते चले,जलालपुर सीट पर बसपा प्रत्याशी लगातार बढ़त बनाए हुईं थीं. यहां उनकी टक्कर बीजेपी प्रत्याशी से दिख रही थी लेकिन आखिरी राउंड आते-आते सपा प्रत्याशी ने बढ़त बनाकर जीत हासिल कर ली है.
वही समाजवाद के जनक डॉ राम मनोहर लोहिया की धरती पर बसपा के किले को ध्वस्त कर समाजवाद का परचम लहराने वाले सुभाष राय ने जीत के तुरन्त बाद लोहिया भवन पहुँच कर डॉ राम मनोहर लोहिया की मूर्ति पर माल्यार्पण किया.
सुभाष राय की जीत पर समाजवादी पार्टी के समर्थकों व कार्यकर्ताओं के हौसले काफी बुलन्द है.और जीत के साथ ही भारी संख्या में समर्थक जिला मुख्यालय पहुँच गए. और विजयी प्रत्याशी को फूल मालाओं से लाद दिया. 
बहुत दिलचस्प मुकाबले में जीते सपा प्रत्याशी सुभाष राय ने विधायक निर्वाचित होने के बाद मीडिया कर्मियों से मुखातिब होते हुए कहा कि यह जीत जलालपुर के प्रत्येक मतदाताओं की जीत है. मुझे इससे कोई मतलब नहीं कि किन लोगों ने मुझे अपना मत नहीं दिया है. मैं जलालपुर विधानसभा क्षेत्र के एक एक व्यक्ति का ऋणी हूं. मैं उन सभी लोगों के प्रति जवाबदेह हूं. क्योंकि विधायक निर्वाचित होने के साथ ही मेरी जिम्मेदारी और जवाबदेही बढ़ गई है. अवामी ने मुझे अपने कुनबे (परिवार )की तरह इस चुनाव में जो प्यार दिया है.मैं वह पूरी जिंदगी भूल नहीं पाऊंगा. मेरे पास न तो संसाधन थे और न ही सत्ता की ताकत. जनता का प्यार, साथियों का  ताल्लुक तथा कार्यकर्ताओं के नि:स्वार्थ व अटूट मेहनत ने ही यह कामयाबी दिलाई है. मैं ऐेसे प्रत्येक व्यक्तियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए यह भरोसा दिलाता हूं कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को मुझसे कोई मायूसी (निराश) नहीं होने पाएगी.