यूपी सरकार तो भ्रष्टाचार ,अपराध को ले कर बड़े बड़े दावे करती है लेकिन इसकी ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है अपराधियों के साथ ही भ्रष्ट अधिकारीयों को भी सरकार का खौफ नहीं लगातार कुछ ऐसा कर जाते है जिससे सरकार की किरकिरी हो जाती है
योगी के राज में आगरा में आबकारी विभाग में अधिकारियों ने लूट मचा रखी है। आगरा में अवैध आबकारी विभाग चल रहे है इन विभागों के पास आबकारी विभाग से लाइसेंस नहीं है, और आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे हैं। साथ ही सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहे हैं।
जहा एक तरफ आबकारी विभाग काम नकली शराब कारोबारियों को रोकना है वही ये भ्र्ष्ट अधिकारी खुद ही ऐसे कारनामे कर रहे की सरकार बदनाम हो
यहां आबकारी विभाग से 81 बारों को लाइसेंस जारी किया गया है, जो सालाना करीब 9 लाख रुपये के हिसाब से राजस्व जमा कराते हैं।।लेकिन शहर में चल रहे सैकड़ों अवैध बार राजस्व को चूना लगा लोगों को शराब पिला रहे हैं। जो रेस्टॉरेंट या कैफे की आड़ में बार चला रहे है और बेखौफ होकर लोगों को गैरकानूनी तरीके से शराब पिला रहे हैं, उसके साथ ही नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बाकायदा मेन्यू कार्ड भी छपवा रखे हैं।
बताते चले आबकारी विभाग उन विभागों में आता है, जहां से सर्वाधिक राजस्व सरकार को मिलता है। लेकिन जब इसको लेकर जिला आबकारी अधिकारी नीरेश पालिया से पूछा तो उनके चेहरे पर दिखी हड़बड़ाहट बताती है कि किस तरह से उनको सारी बात की जानकारी होते हुए भी वो अनजान बने हुए हैं।
जहा एक तरफ आबकारी विभाग काम नकली शराब कारोबारियों को रोकना है वही ये भ्र्ष्ट अधिकारी खुद ही ऐसे कारनामे कर रहे की सरकार बदनाम हो
यहां आबकारी विभाग से 81 बारों को लाइसेंस जारी किया गया है, जो सालाना करीब 9 लाख रुपये के हिसाब से राजस्व जमा कराते हैं।।लेकिन शहर में चल रहे सैकड़ों अवैध बार राजस्व को चूना लगा लोगों को शराब पिला रहे हैं। जो रेस्टॉरेंट या कैफे की आड़ में बार चला रहे है और बेखौफ होकर लोगों को गैरकानूनी तरीके से शराब पिला रहे हैं, उसके साथ ही नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बाकायदा मेन्यू कार्ड भी छपवा रखे हैं।
बताते चले आबकारी विभाग उन विभागों में आता है, जहां से सर्वाधिक राजस्व सरकार को मिलता है। लेकिन जब इसको लेकर जिला आबकारी अधिकारी नीरेश पालिया से पूछा तो उनके चेहरे पर दिखी हड़बड़ाहट बताती है कि किस तरह से उनको सारी बात की जानकारी होते हुए भी वो अनजान बने हुए हैं।