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बढती ठंढ से लोग हुए परेशान ,तापमान है 8 डिग्री सेल्सियस

दिनभर शीतलहर के कारण लोग घरों में दुबके रहे। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 22 वर्षों में एक दिसंबर से 16 दिसंबर तक अधिकतम तापमान 25 डिग्री से अधिक का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। मगलवार को न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा जो 2010 के बाद से सबसे कम है। ठंड के कारण कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित हुआ। सुबह देरी से कर्मचारी और अधिकारी कार्यालयों में पहुंच पाए। लोगों को दिन में भी अलाव का सहारा लेना पड़ा। बाजारों में भी ग्राहकी बहुत कम रही। सोमवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो दिसंबर में सबसे कम है। सुबह धुंध की चादर में शहर लिपटा रहा। शीत लहर चलने से धुंध तो छंट गई। लेकिन ठिठुरन बढ़ गई। वही आज पूरे दिन सूर्य भगवान के दर्शन नहीं हुए गोंडा शहर में इक्का-दुक्का जगह छोड़कर कहीं अलाव की व्यवस्था प्रशासन नगर पालिका ने नहीं कराई जबकि इनके चौकी इंचार्ज मंजू यादव दरोगा ने बताया कि हमारे चौराहे पर भी कहीं अलाव नहीं जल रहा है ना नगर पालिका द्वारा कोई अलाव की व्यवस्था नहीं कराई गई है। जबकि आज सबसे ठंडा दिन रहा सूर्य भगवान के दर्शन नहीं हुए इसमें सबसे ज्यादा रिक्शा चालक यात्री राहगीर ठंड से परेशान है जीवन अस्त-व्यस्त टेंपो यूनियन के अध्यक्ष बाबा रामस्वरूप दास ने बताया कि नगरपालिका स्थानीय प्रशासन में इस बार कहीं ठंडी में अलाव की व्यवस्था शहर में नहीं कराई गई है जबकि आम लोग ठंडी से बहुत परेशान लोग कागज जलाकर टायर जलाकर अपना हाथ गरम करते नजर आए से बचाव करते हैं वहीं स्कूली बच्चे स्कूल जाते हुए ढूंढते हुए जाते देखा गया