बाबरी मस्जिद पक्षकार हाजी महबूब ने अपने घर पर 6 दिसंबर को आयोजित यौमे गम को नही मनाने का लिया फैसला।हाजी महबूब 6 दिसंबर बाबरी ढांचा गिराय जाने को शहादत दिवस के रूप में मनाते थे अपने घर पर,हर वर्ष मुस्लिम संघटन के लोग हाजी महबूब के घर आयोजित यौमे गम में होते थे शामिल।हाजी महबूब का बयान देश मे अमन चैन कायम रहे, घर मे नही मनाएंगे यौमे गम।मस्जिद में मनाया जाएगा यौमेगम दूसरी तरफ बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि सरकार द्वारा 5 एकड़ मस्जिद के लिए जमीन देने पर उन्होंने कहा कि मेरे घर के सामने खाली जमीन पर बाबर के नाम से नहीं अस्पताल व विद्यालय वन जाए तो बेहतर है और मेरे घर के बगल बिजली वाली मस्जिद पुरानी मस्जिद को पूरी जमीन उसी में शामिल करके भव्य रुप दिया जाए और हम सभी कोर्ट का फैसला मानेंगे और हम सभी सरकार के साथ हमेशा रहेंगे 6 दिसंबर को लेकर उन्होंने कहा कि जो मुस्लिम मेमो गम मनाते हैं उनको इसका मतलब ही नहीं मालूम है और मैं इसके खिलाफ हूं सरकार का जो भी फैसला है उसको हम सभी को मानना चाहिए गंगा जमुनी तहजीब हमेशा कायम रहें.
Tags
उत्तर प्रदेश