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कड़ाके की ठंड में सुल्तानपुर में पत्रकारो ने गरीबों में कंबल किया वितरण

बल्दीराय सुल्तानपुर: "तुम कितना भी बहिष्कार करो,मैं तो एक सामाजिक प्राणी हूँ!दुनिया मुट्ठी में करना आता ,प्यार की दौलत का वह इंसान हूँ!"ये लाइने सटीक एक पत्रकार महोदय के ऊपर बैठती है। बीती रात रास्ते से एक दिव्यांग अपने पैरों से काँपते हुए घर की तरफ जा रहे थे कि तभी पत्रकार की नज़र उस दिव्यांग पर पड़ी और वह ठंड से कांप रहा था,तुरन्त उसके तन पर एक कम्बल ओढा दिया,और वह प्रसन्नता से झूम उठा। यकीन मानिए इस कड़ाके की ठंड में आप जिस गरीब की हेल्प करेंगे दिल से दुआ देगा और यह दुआ आपके बहुत काम आएगी।

कड़ाके की सर्दी से गरीबों को बचाने के लिए सुल्तानपुर जिले के एक पत्रकार महोदय आगे आए । उन्होंने गांव के रास्ते से गुजर रहे आम गरीब दिव्यांग बेसहारा को उसके तन पर कम्बल डाला,तो दिव्यांग खुशदिल हो गया,वह भगवान से उस पत्रकार के लिए दुवाएं मांगने लगा।पिछले दो दिन से पड़ रहीं कड़ाके की सर्दी ने सभी का बुरा हाल कर दिया है। खासकर गरीब और बेसहारा लोगों के लिए ठंड मुसीबत बन गई है। मौके पर पत्रकार ने कहा कि गरीबों के लिए ठंड में कम्बल वरदान साबित होता है। गरीब और असहाय लोगों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य नेक काम है। अपने लिए तो सब जीते हैं लेकिन जो गरीब-गुरबों के लिए जीए वो ही असली इंसान होते हैं। उनका सौभाग्य है कि उस दिव्यांग का सेवा करने का मौका मिला।
               रिपोर्ट: तक़ी मेंहदी