Home

6/recent

लॉकडाउन के चलते नहीं लेकर भागा प्रेमी तो प्रेमिकाओं ने खाया विषाक्त पदार्थ

हमारी बची हुई दुनिया में आये और तुम उसे अपना नाम दो, उसकी निगाहें भरी उम्मीद से देख रही थी। बस इस ख्वाहिश से जो हमारे प्यार की निशानी होगी। जिसे इस दुनिया में लाना चाहते है...! शायद यही सोच स्थानीय क्षेत्र स्थित एक गांव निवासी तीन प्रेमिकाओं को थी। जो लॉकडाउन के चलते अपने प्रेमी के साथ भाग नहीं पायी। काफी प्रयास के बाद भी लॉकडाउन के चलते प्रेमी नहीं लेकर भागा। जिससे प्रेमिकाओं के ऊपर एक फ़िल्म का गाना सटीक बैठ रहा है - जिन्दगी एक प्यास बनकर रह गई प्यार के किस्से अधूरे रह गए...! ख्वाहिशे पूरे न होने के कारण दुनिया को अलविदा करने के नियत से तीन प्रेमिकाओं में से दो ने बुधवार की देर शाम विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। जबकि एक ऐसा करने से एक प्रेमिका हिम्मत नहीं जुटा सकी।


अपने प्यार को प्रेमी द्वारा मुकम्मल लक्ष्य को पूरा न करवा पाने पर असफल दो प्रेमिकाओं ने जहर खा लिया। जिससे हालत बिगड़ने लगी। ऐसे में परिजनों ने आनन-फानन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी में भर्ती कराया गया। जिसमें से एक की हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में रेफर कर दिया। घटना बुधवार की रात्रि की क्षेत्र के एक गांव की है। क्षेत्र के एक गांव निवासी तीन दलित युवकों का सजातीय पड़ोस की रहने वाली तीन किशोरियों से लगभग दो साल से प्रेम सम्बन्ध था। जैसे -जैसे समय बीतता गया वैसे -वैसे प्रेम परवान चढ़ता गया।


प्रेम इतना प्रगाढ़ हो गया कि तीनों किशोरियों ने प्रेमी से भगा ले जाने की बात कही। जिस पर कथित प्रेमीगण ने लॉकडाउन का हवाला देकर इन्हें न भागने की सलाह दिया। जिससे तीनों प्रमिका दिल को आरमा न पूरा होने पर नाराज होकर विषाक्त खाकर दुनिया को अलविदा कहने को ठान ली। जिसमें से दो प्रेमिकाओं ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। जबकि एक खाने का हिम्मत नहीं जुटा सकी और नहीं खाई मौके से चल दी। जो दो सेवन कर ली थी उन दोनों की हालत नाजुक होने लगी। इसकी जानकारी होने पर इन्हें स्वजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी में भर्ती कराया। जहां एक कि हालत गम्भीर देख उसे चिकित्सको ने जिला अस्पताल भेज दिया। उधर इनके प्रेमी को जब मामले की जानकारी हुई तो घर से फरार हो गए फिलहाल इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

  रिपोर्ट: अली मेहदी