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कोरोना पर विजय पाने योगी सरकार ने बनायीं नहीं रणनीति,जानें क्या है मुख्यमंत्री प्लान


कोरोना की लड़ाई में तैयारी 10 कदम आगे की हो: योगी


ऑक्सीजन एवं जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति पर फोकस करने का निर्देश 


लखनऊ;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना की लड़ाई में हमारी तैयारी 10 कदम आगे की होनी चाहिए, तभी हम इस पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कोविड बेड की संख्या बढ़ाने तथा ऑक्सीजन एवं जीवन रक्षक दवाओं की अनवरत आपूर्ति पर फोकस करते हुए कोविड-19 के उपचार की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

योगी ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करते हुये कहा कि टेस्ट, ट्रेस, ट्रीट की रणनीति के अनुरूप कार्य जारी रखते हुए कोरोना टीकाकरण पर भी ध्यान केंद्रित रखा जाए। एक मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों का कोविड टीकाकरण प्रारम्भ किया जाना है जो पूर्णतः निःशुल्क होगा। इस संपूर्ण प्रक्रिया के सुचारु संचालन की कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। वैक्सीन निर्माता कम्पनियों से संवाद स्थापित करते हुए वृहद टीकाकरण को सफल बनाने के लिए समय से सभी आवश्यक प्रबंध किये जायें। इस कार्य में कोई शिथिलता न हो।

उन्होने लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर नगर, गोखरपुर, गाजियाबाद समेत सभी जिलों में कोविड बेड की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड की चेन को तोड़ने में काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आये शत-प्रतिशत लोगों का टेस्ट कराया जाए। कोरोना टेस्ट की क्षमता का विस्तार तेजी से किया जाए। आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या को बढ़ाया जाए। उन्होंने 23 हजार से अधिक लोगों के संक्रमण मुक्त होने पर संतोष व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सभी जिलों में ऑक्सीजन व जीवन रक्षक दवाओं की सुचारु आपूर्ति बनी रहे। यह सुनिश्चित किया जाए कि इनकी कालाबाजारी न होने पाए। इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा पुलिस विभाग संयुक्त रूप से माॅनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड संक्रमित मरीजों को समय से मेडिकल किट हर हाल में उपलब्ध करायी जाए। मेडिकल किट में न्यूनतम सात दिन की समस्त निर्धारित दवाएं होनी चाहिए और उनसे निरन्तर व नियमित संवाद स्थापित किया जाए। कोविड संक्रमित मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि निजी चिकित्सालय मनमाना शुल्क न लेने पाएं।

उन्होने कहा कि आमजन को बेड की उपलब्धता की समुचित जानकारी उपलब्ध करायी जाए। प्रदेश में ऐसे सभी हॉस्पिटल जहां कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज हो रहा है, वहां दिन में दो बार अस्पताल में रिक्त बेड का विवरण सार्वजनिक किया जाए। यह विवरण जिले के इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर के पोर्टल पर भी अपलोड कराया जाए। बेड का आवंटन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए। सभी जिला प्रशासन इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कराएं।


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