मध्य प्रदेश में बाघों की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। हालिया वन्यजीव जनगणना के अनुसार, राज्य में बाघों की संख्या 550 से अधिक हो गई है, जो पूरे देश में किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक है। कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पENCH जैसे अभयारण्यों में बाघों की संख्या में खासी वृद्धि हुई है।
वन विभाग ने बताया कि अवैध शिकार पर सख्त नियंत्रण, वन क्षेत्रों का संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से यह सफलता मिली है। कैमरा ट्रैपिंग और DNA विश्लेषण जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके बाघों की सटीक गिनती की गई है। बाघों के आवास क्षेत्रों का विस्तार भी किया गया है।
पर्यावरण विशेषज्ञों और वन्यजीव संरक्षण संगठनों ने इस उपलब्धि का जमकर स्वागत किया है। उनका मानना है कि मध्य प्रदेश बाघ संरक्षण में वैश्विक मॉडल बन सकता है। हालांकि, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और बाहर निकले बाघों के पुनर्वास के लिए और प्रयासों की जरूरत है।