वित्त मंत्री ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया जिसमें मध्यम वर्ग को आयकर में बड़ी राहत दी गई है। 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर शून्य कर की सीमा बढ़ाई गई है। साथ ही, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और शिक्षा ऋण पर कर छूट में भी वृद्धि की गई है।
बजट में बुनियादी ढांचे, रक्षा, कृषि और डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। रेलवे, सड़कों और बंदरगाहों के विकास के लिए रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। किसानों के लिए नई सब्सिडी योजना और MSP में वृद्धि की भी घोषणा की गई है। स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए कर छूट जारी रखी गई है।
अर्थशास्त्रियों ने बजट को संतुलित और विकास-oriented बताया है। उनका मानना है कि कर राहत से उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर असंतोष जताया लेकिन कुल मिलाकर बजट को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।