केंद्र सरकार ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई नीति की घोषणा की है। इस नीति के तहत तेल और गैस के भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी, नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश बढ़ाया जाएगा, और ऊर्जा दक्षता कार्यक्रमों को विस्तार दिया जाएगा। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है।
पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि стратегिक petroleum reserves की क्षमता दोगुनी की जाएगी। LNG terminals का निर्माण तेज किया जाएगा। solar और wind energy capacity को 2030 तक 500 GW करने का लक्ष्य दोहराया गया है। hydrogen economy को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
ऊर्जा विशेषज्ञों ने इस नीति का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और विदेशी तेल पर निर्भरता कम होगी। स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ना जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए भी जरूरी है। यह नीति भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।