भारत में डिजिटल भुगतान के लेनदेन में जून 2026 में नया रिकॉर्ड बना है। UPI के माध्यम से हुए लेनदेन की संख्या 18 अरब को पार कर गई है, जो वैश्विक स्तर पर एक मील का पत्थर है। RBI के आंकड़ों के अनुसार, छोटे व्यापारी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल पेमेंट तेजी से अपनाए जा रहे हैं।
NPCI ने बताया कि UPI Lite, offline payments और credit line on UPI जैसी नई सुविधाओं ने adoption बढ़ाया है। QR कोड पेमेंट अब हर छोटे दुकानदार के पास उपलब्ध है। cross-border UPI payments को भी expand किया जा रहा है।
फिनटेक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत डिजिटल भुगतान के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। सरकार की डिजिटल इंडिया पहल और स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच इसके पीछे मुख्य कारण हैं। कई देश भारत के UPI मॉडल को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।