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आबकारी विभाग के ठेकेदार राजेंद्र तिवारी ने जान माल की रक्षा के लिए एसपी से लगाई गुहार

बांदा:-  आज दिनांक 18 फरवरी को भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन (दिल्ली) की जनपद बांदा इकाई का प्रतिनिधिमंडल सुबह पुलिस अधीक्षक बांदा के कार्यालय पहुंचा और उत्पीड़न तथा जान से मारने कि धमकी देने वाले दबंग के विरूद्ध कठोर कार्यवाही के लिए प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक बांदा को दिया।  अराजक  तथा  दबंग  किस्म के  लोगों द्वारा  आबकारी विभाग के  ठेकेदार को  परिवार सहित जान से मार देने की धमकी  तथा  सोशल मीडिया के माध्यम से अमर्यादित  कृत्य  किया गया। मीडिया से बातचीत के दौरान राजेंद्र कुमार तिवारी जो स्वराज कॉलोनी बांदा के मूल निवासी है ने बताया कि वह आबकारी विभाग में ठेकेदारी का कार्य करता है तथा आबकारी विभाग में दो दुकानों का अनुज्ञापी भी है,


 जिसकी एक दुकान करतल बाजार में और दूसरी शंकर बाजार में स्थित है। आज ठेकेदार ने पुलिस अधीक्षक बांदा से अपने जान माल के रक्षा के लिए प्रार्थना पत्र दिया और बताया की अवधेश कुमार त्रिपाठी (जीतू )पुत्र ओम प्रकाश त्रिपाठी ग्राम त्रिवेणी तहसील बांदा चौकी भूरागढ़ थाना मटौध का रहने वाला है जो कि आए दिन गुंडों  बदमाशों  के साथ जायज और नाजायज  शस्त्र  डबल बैरल लाइसेंसी व  315 बोर तमंचा  लेकर  खुलेआम मेरी  दुकान में जाकर  गाली गलौज करता है  और धमकी देता है  मेरे ना मिलने पर  दुकान के  सेल्समैन  को गाली गलौज  करते हैं । तथा सोशल मीडिया के माध्यम से अमर्यादित कृत्य करता है, तथा मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी देता है यदि मेरे व मेरे परिवार के साथ कोई वारदात होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अवधेश कुमार त्रिपाठी जीतू पुत्र ओम प्रकाश त्रिपाठी ग्राम त्रिवेणी की होगी। आबकारी विभाग के ठेकेदार का परिवार भारी दहशत में है तथा उनका जीना  मुश्किल हो गया है । ठेकेदार को मानसिक , सामाजिक एवं आर्थिक हानि हुई है। पुलिस अधीक्षक बांदा ने मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस मौके पर भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन दिल्ली के बांदा जनपद के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह गौतम,मुकेश निषाद (जिला संगठन सचिव), रिज़वान अली (जिला प्रमुख अल्पसंख्यक संरक्षण) राहुल अवस्थी (जिला प्रमुख कृषक संरक्षण), कुलदीप त्रिपाठी(जिला प्रमुख जनलोकसेवक) व अल्पसंख्यक संरक्षण के पदाधिकारी पीड़ित के साथ मौजूद रहे। अब देखने वाली बात यह होगी कि पीड़ित को राहत कब मिलती है।

बाँदा से इमरान खान की रिपोर्ट