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हज़रत आयतुल्लाह अल ओज़मा सय्याद मोहम्मद साईद अल हाकीम ने कोरोना से मात देने के बताये तरीक़े , जाने कैसे रहेंगे महफूज़

 हज़रत आयतुल्लाह अल ओज़मा सय्याद मोहम्मद साईद अल हाकीम ने कोरोना को लेकर लोगों को  नसीहत देते हुए कहा की  विभिन्न देशों में महामारी कोरोना वायरस ने मानव जाति को संकट में डाल दिया है!
कोरोना वायरस ने मानव जाति के लिए आफत बन गयी है। 




साथ ही उन्होंने जनता से अपील है कि वह ऐसे कठिन समय कुछ अहम् बातों का ध्यान रखें। 
1- डॉक्टरों और उनकी टीम द्वारा बीमारी को रोकने के लिए जारी किए गए सभी नियमों और सलाह का पालन करें,
विशेष रूप से उन नियमों और सुझावों को जो लोगों के साथ सीधे संपर्क और भीड़ अथवा बैठकों में भाग लेने के लिए जारी किया गया है!

2- कोरोना वायरस का संदेही व्यक्ति और उसके आसपास के सज्जनों को चाहिए कि वह तुरंत डाक्टरों अथवा चिकित्सकों से अपनी स्थिति की जानकारी अवश्य लें!
और ऐसी स्थिति में कोरोना वायरस के संदेही को खुद को दूसरे लोगों से अलग रखना चाहिए ताकि दुसरे लोग इस महामारी से संक्रमित नहीं हों!


3-- हम सभी लोगों [ डॉक्टरों, नर्सों और उनके सहायकों ] की सराहना करते हैं जिन्होंने इस घातक बीमारी के रोगियों के दर्द और पीड़ा को कम करने और रोकने के लिए अपनी पूरी कोशिश की है उनको मालूम होना चाहिए कि उनकी ये  मेहनत ख़ोदा से तक़र्रुब और सवाब का सबब है!

4 -इस बीमारी से पीड़ित होना कोई बुराई नहीं है जिसे छुपाया जाये, ये बिमारी एक परीक्षा है जिस पर धैर्य रखने वाला मोमिन सवाब (ईनाम) का हकदार होगा, और जितनी जल्दी रोगी व्यक्ति डॉक्टर को बताएगा उतना ही आसानी से उसका इलाज और उपचार मुमकिन होगा!
अथवा हमारे इमामों (अ.स.) ने असहनीय बिमारीयों के इलाज के उपाय अथवा निर्देश दिए हैं! 




5- इस देश में जो लोग इस घातक बीमारी से पीड़ित हैं उनसे हमदर्दी से व्यवहार करें, उन लोगों की मदद करें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए आमंत्रित करें,
हर व्यक्ति अपने कार्य संबंधित अवश्यक सहायता करें !
और मेडिकल स्टोर और दवा की दुकानों के मालिक कम से कम कीमत पर उपचार की आवश्यक चीजें प्रदान करने के लिए कदम उठाऐं!
आहार से संबंधित वस्तुओं और बुनियादी आवश्यकताओं के विक्रेता अथवा दुकानदार खाद्य पदार्थों और वस्तुओं को महंगा करने से बचें,
जो लोगों के नुकसान का कारण बनते हैं, स्वाभाविक रूप से ऐसे हालात लोगों की गरीबी और फ़कीरी में वृद्धि करते हैं।
चूंकि संभव है कि कई मजदूरों के खर्च का स्रोत बन्द हो जाये, इस आधार पर व्यापारियों को उनकी स्थिति का ख़याल रखना चाहिए 
अल्लाह कि सबसे अज़ीम मख़लूक़ हज़रत पैगंबर मुहम्मद [स.अ.व.स.] और उनके अहलेबैत अतहार [अ.स.] से तवस्सुल के साथ दुआ करता हूँ कि अपनी प्रसन्नता प्रदान करे, और अपने क्रोध से हमें दूर रखे
और अल्लाह तआला इमाम महदी [अ.स.] कि बरकत से इस महामारी को देश से निकाल दे! 
और इस बीमारी से पीड़ित लोगों को तुरंत स्वास्थ्य दे। और अल्लाह ही कष्टों में हमारा रक्षक है, और वह नुकसान और विपत्तियों का दूर करने वाला है, दयालुओं मे सबसे ज़्यादा दया करने वाला, और मोमिनों का मालिक है और ख़ुदा हमारे लिए काफ़ी है जो काम असान बनाने वाला और रक्षक है।