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प्रमुख सचिव ने सैनिटाइजेशन एवं साफ- सफाई का पालन करने की लोगों से की हिदायत

 सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चंद्रा ने निर्देश दिया है कि बस्ती नगर पालिका की तरह जिले की अन्य नगर पंचायतों में भी सैनिटाइजेशन एवं साफ- सफाई का प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना वायरस से रोकथाम एवं बचाव के लिए सुरक्षा उपाय प्रयोग में लाए जाएं। वे पुलिस लाइन सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन के दौरान हॉटस्पॉट एरिया में सभी लोगों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करें।



      उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन के लिए दवाओं का छिड़काव किया जाए, मास्क एवं सैनिटाइजर वितरित किया जाए। फील्ड में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न कस्बों में सब्जी एवं फल मंडी में भी कोविड-19 का प्रोटोकॉल सोशल डिस्टेंसिंग साफ-सफाई सुनिश्चित कराई जाये।
         उन्होंने कहा कि अन्य नगर पंचायतों में भी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने दुग्ध अधिकारी को निर्देश दिया कि कि वे पराग के दूध-दही एवं अन्य उत्पादों का आपूर्ति सुनिश्चित कराएं।



  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश हैं की गांव के सभी परिवारों को जो मानक के अंतर्गत आते हैं, खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा 5 किलो चावल प्रति यूनिट उपलब्ध कराया जाना है। कोटेदार के द्वारा इसकी आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।
        गेहूं खरीद की समीक्षा करते हुए, उन्होंने कहा कि किसानों से उनके घर पर ही गेहूं खरीदने की व्यवस्था बनाई जाए। पी एफ एम एस के माध्यम से उसका भुगतान भी कराया जाए। डिप्टी आर एम ओ गोरखनाथ तिवारी ने बताया कि पी एफ एम एस द्वारा यह व्यवस्था कराई जा रही है। इसके अलावा पूरे जिले में 89 गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। अब तक कुल 3749 एमटी गेहूं खरीद की गई है, जबकि लक्ष्य 84500 एम टी का है।
       प्रमुख सचिव ने गेहूं खरीद में तेजी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि खेती, किसानी कार्यों के लिए शासन द्वारा छूट दी गई है। कृषि विभाग यह सुनिश्चित करें कि सोशल डिस्टेंसिंग साफ- सफाई एवं सेंसटाइजर का उपयोग करते हुए सभी कार्य निपटाए जाएं।
        प्रमुख सचिव ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले लोगों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रोटोकाल अपनाया जाए। वहां पर तैनात डॉक्टर एवं स्टाफ जो सीधे मरीज के संपर्क में आते हैं, उन्हें पर्याप्त सुरक्षा किट उपलब्ध कराया जाए।  वहां आने वाले प्रत्येक मरीज के बारे में सुनिश्चित किया जाए कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं है।


       डिप्टी सीएमओ डॉ० सीएल कन्नौजिया ने बताया कि जिले में कुल 8 प्राइवेट अस्पताल संचालित है। जिनका नियमित रूप से निरीक्षण किया जाता है तथा सोशल डिस्टेंसिंग एवं साफ-सफाई का पालन करने के लिए निर्देशित किया जाता है। इसके अलावा 40 डॉक्टरों की सूची फोन नंबर सहित प्रसारित की गई है, ताकि लोग फोन पर ही उनसे परामर्श कर सकें।                                    जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने बताया कि जिले में अब तक कुल 23 कोरोना वायरस केस हो चुके हैं। इसमें से एक की मृत्यु हुई है, 13 स्वस्थ होकर के घर जा चुके हैं। वर्तमान में केवल 9 एक्टिव कोरोना वायरस पेशेंट है। उल्लेखनीय बात यह है कि पिछले 3 दिनों में एक भी कोरोना वायरस नहीं हुआ है।
   पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने बताया कि हॉटस्पॉट किए गए सभी क्षेत्रों के आस-पास एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। सभी आने-जाने वाले रास्तों पर बैरिकेटिंग लगाई गई है, तथा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
बैठक में आईजी विजय भूषण, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ० जावेद हयात, प्रधानाचार्य डॉ० नवनीत कुमार, सीएमओ डॉ० जे पी त्रिपाठी, एडीएम रमेश चंद्र, अपर पुलिस अधीक्षक पंकज तथा कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन की अवधि में विभिन्न कार्य देख रहे नोडल, विभागीय अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।