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समाज से कटे 'ट्रांसजेंडर' भी बन सकते है मुख्यधारा का हिस्सा: डॉ शकुंतला मिश्रा

लखनऊ: डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में सोमवार को विशेष शिक्षा संकाय के दृष्टिबाधितार्थ विभाग  की शोधार्थी सुश्री रूपाली शर्मा पुत्री श्री राम जन्म शर्मा , निवासी लखनऊ की मौखिक परीक्षा आयोजित की गयी। डी आर सी संयोजक, विभागाध्यक्ष तथा शोध निर्देशक डॉ विजय शंकर शर्मा एवं अधिष्ठाता विशेष शिक्षा संकाय प्रो वी के सिंह के निर्देशन में हुई। इस आयोजन में रुपाली शर्मा ने अपने शोध के विषय बताते हुए कहा कि उनके शोध का विषय समाज मे उपेक्षित रहे 'ट्रांसजेंडर' हैं। यह कार्य  विश्विद्यालय में हुए बाकी शोध से थोड़ा अलग एव उल्लेखनीय इसलिए भी है  क्योंकि अभी तक देश मे इस विषय पर उल्लेखनीय कार्य नहीं हुए हैं।डॉ शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी में इस विषय पर होने वाला यह पहला शोध कार्य है। इस शोध में 400 ट्रांसजेंडर्स और 400 नान-ट्रांसजेंडर्स के attitudes की तुलनात्मक अध्यन किया गया है जो कि काफी बड़ा एव सराहनीय कार्य है ।

 इस शोध कार्य  के माध्यम से सरकारी नीतियो में ट्रांसजेंडर्स को महत्वपूर्ण स्थान दिला कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल किया जा सकता है साथ ही साथ देश और प्रदेश अपने समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रसर हो पाएंगे। इस शोध के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शोधकर्ता रूपाली शर्मा ने सारा श्रेय अपने शोध निर्देशक डॉ विजय शंकर शर्मा को दिया है। भोपाल की newsreporter मिस.  शिल्पी शर्मा, कोलकाता से श्री. प्रभात कुमार शर्मा, हैदराबाद के श्री. अभिषेक विश्वकर्मा का विशेष धन्यवाद किया जिन्होंने उन्हें उन शहरों के ट्रांसजेंडर्स से मिलवा के उनकी शोध कार्य को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने स्वर्गीय वकील श्री निशांत मिश्रा को भी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी जिनके बिना यह कार्य करना सम्भव नहीं होता। परीक्षा में व्ह्या परीक्षक के रूप में प्रो कौशल किशोर, central university of South bihar, Gaya, डॉ दिनेश कुमार, डॉ कौशल शर्मा, श्री आशीष कुमार गुप्ता ,डॉ बृजेश कुमार राय एवं संकाय के अन्य शोध छात्र भी उपस्थित रहे।

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