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शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी के अधिवक्ता ने डीएम को दी हाईकोर्ट के आदेश की प्रति

जनपद आजमगढ़ के शहर क्षेत्र में प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी से लगभग 4 माह पूर्व दुकान में घुसकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियेां ने मारपीट कर उनके जेवर लूट करने के आरोप लगे। इस मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन एसडीएम सदर गौरव कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

  मामला है 6 अप्रैल का, शहर के कटरा मोहल्ला निवासी व सराफा व्यवसायी आशीष गोयल पुरानी कोतवाली स्थित अपनी दुकान में बैठे हुए थे। उसी दौरान एसडीएम सदर गौरव कुमार व सीओ सिटी राजेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए शहर में भ्रमण करते हुए सीधे आशीष गोयल की दुकान पर पहुंचे। गोयल का कहना है कि वह और उनके सभी स्टाफ कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए मास्क व गमछा पहने हुए थे और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन कर रहे थे। आरोप है कि दुकान में घुसते ही एसडीएम व सीओ सिटी ने व्यवसायी से अभद्र व्यवहार करते हुए उनके कालर पकड़ कर पुलिस के साथ मारते हुए बाहर सड़क पर लाए। इस दौरान आशीष गोयल के गले में सोने की सिकड़ी, लाकेट व अन्य सामान भी लूट लेने का व्यवसाई ने आरोप लगाया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की इस बर्बरता को देख शहर के व्यापारियों का भी गुस्सा फूट पड़ा और वे कोतवाली में पहुंच कर विरोध भी दर्ज कराया।

व्यापारियों के विरोध को देख कोतवाली में मौजूद एसपी व डीएम ने तत्कालीन तौर पर एफआईर दर्ज करने की बात करते हुए उनसे तहरीर भी ली और सभी सामान वापस का आश्वासन भी दिया। लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी शहर काेतवाली पुलिस ने उनका एफआईआर भी दर्ज नहीं किया। अंतत: विवश होकर सराफा व्यवसायी आशीष गोयल ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र पर हाईकोर्ट ने तत्कालीन एसडीएम सदर गौरव कुमार व उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कार्रवाई करते हुए मुकदमे की त्वरित विवेचना की जाये। सराफा व्यवसायी के अधिवक्ता डीएम से मिले और हाईकोर्ट के आदेश की प्रति देते हुए तत्कालीन एसडीएम सदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के लिए गुहार लगायी।

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