Home

6/recent

सीएम योगी की लुटिया डुबाने पर तुले उन्हीं के पार्टी के नेता

UP चुनाव भी पूरी तरह से क्रिकेट मैच की तरह हो गया है....जैसे-जैसे प्रदेश में चुनाव नजदीक आ रहा है....वैसे वैसे सियासी पिच अच्छे से सजने लग गई है.....और भी हो भी क्यों ना... उत्तर प्रदेस का चुनाव जो ठहरे.. अब रह गई है तो सिर्फ शानदार बैटिंग और बॉलिंग करने की... ठीक जिस तरह से क्रिकेट मैच में होम ग्राउंड पर .....खेलने वाली टीम को फायदा होने के ज्यादा चांस होते हैं..... वैसा ही हाल कुछ राजनीति का भी है .....और इसबार UP की राजनीति में.... यह साफ दिखाई भी दे रहा है....बताएंगे.... आपको पूरी खबर विस्तार से ....लेकिन उससे पहले आपसे अपील है.... की वीडियो को अंत तक जरुर देखें.. और साथ ही हमारे चैनल को सबसक्राइब करें...

ऐलान हुआ है... योगी आदित्यनाथ गोरखरपुर से चुनाव लड़ेंगे.... अब कहां गए गोदी मीडिया के गूल्लू.... जो कहते थे... अयोध्या से बाबा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव लड़ेंगे...मथुरा से चुनाव लड़ेंगे... जिससे हिंदुत्व को धार मिलेगी...अब कोई बोलने वाला सामने नहीं आ रहा है... क्या हो गया उन गुल्लूओं को जो कहते थे... हिंदुओं को धार देने के लिए बाबा आ गए है... अरे क्या हुआ कोई कुछ कह नहीं रहा... कुछ समय पहले से ही... बड़े बड़े राजनीतिक पंडित ज्ञान औंकने लग गए थे... और गोदी मीडिया भी चैनलों में अयोध्या के नाम पर माहौल बनाना शुरु कर दिया था... लेकिन अंत में क्या हुआ... बाबा तो गयो.... 



कहां गयो... गोरखपुर....यहां हम गोरखपुर की बात चुनाव लड़ने की कह रहे है... जहां बीजेपी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर से उम्मीदवार घोषित किया है... 

बाबा तो गयो.... 

ये बात हम नहीं एक रिटायर्ड अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने कही है...सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट कर लिखा है की... एक भी सेफ सीट नहीं मिली योगी जी के लिए, ना अयोध्या में और ना ही मथुरा में....अभी से गोरखपुर भेज दिए गए,,,,

खैर.... सवाल तो कई है... जो आपके मन में भी होंगे.. की आखिर अयोध्या से बीजेपी ने क्यों नहीं टिकट आखिर क्यों... गोदी मीडिया के चैनलों ने अयोध्या के नाम पर माहौल बनाया,,,,लेकिन अंत में योगी आदित्यानाथ गोरखपुर से ही चुनाव लड़ने चले गए,,,, जब वहीं से लड़ना था तब फिर अयोध्या और मथुरा के नाम पर माहौल क्यों बनाया गया?,.,...यह ठीक है कि बीजेपी चुनावी रेस में आगे हैं लेकिन उसके पास माहौल बनाने के लिए भगवान के नाम पर झूठ बोलने के अलावा कुछ नहीं है..... वर्ना पांच साल में जो भव्य विकास हुआ है उसकी तस्वीर पर बहस होती.... और उसके नाम पर कहीं से चुनाव लड़ सकते थे.....


योगी के गोरखपुर से चुनाव लड़ने पर सपा सुप्रीमो अखिलेश ने भी हमला बोला है.. और ट्वीट कर लिखा है की .... कभी कहा मथुरा… कभी कहा अयोध्या… और अब कह रहे हैं… गोरखपुर… जनता से पहले इनकी पार्टी ने ही इनको वापस घर भेज दिया है… दरअसल इनको टिकट मिली नहीं है, इनकी वापसी की टिकट कट गयी है...

यूपी कहे आज का

नहीं चाहिए भाजपा


दैनिक भास्कर की एक खबर में तो हेडलाइन तक ये लगी है की...  अयोध्या में हार का डर था इसलिए गोरखपुर में योगी......

सूत्रों की मानें तो पार्टी हाईकमान की भी मंशा यही थी... योगी जैसा कट्‌टर हिंदुत्व का चेहरा अयोध्या से उतरता तो पूरे प्रदेश में वोटों के ध्रुवीकरण की उम्मीद ज्यादा थी....मगर खुद योगी अपने गढ़ गोरखपुर से उतरकर पहले अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहते थे..... दरअसल, अयोध्या ऐसी सीट है, जहां 93.23% आबादी हिंदू होने के बावजूद भाजपा की जीत तय नहीं रही है...2012 में यह सीट सपा ने जीती थी, 2017 में मोदी-योगी लहर में भाजपा के हाथ आई.... इस बार समीकरण क्या बनेंगे, अभी यह तय नहीं है....

दैनिक भास्कर ने वोट शेयर की गणित के जरिए भी ये बताया है की क्यों योगी के लिए असुरक्षित है अयोध्या...

बोलता हिंदुस्तान में भी वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार का ब्लॉग लगा है... जिसमें साफ तौर पर लिखा है की...गोदी मीडिया ने माहौल अयोध्या-मथुरा के नाम पर बनाया लेकिन योगी गोरखपुर चले गए 

इसमें उन्होंने लिखा है की.. अयोध्या हो चाहे गोरखपुर....योगी बाबा मंदिर-मूर्ति वाली जगहों से ही चुनाव लड़ेंगे....अस्पताल, मेट्रो, एक्सप्रेसवे बनाए होते तब ना जाते किसी दूसरी जगह.... अब भला मठ जा रहे हैं तो घंटा ही मिलेगा.. वोट तो मिलने से रहा...

अब खुद के गढ़ में योगी आदित्यनाथ सुरक्षित नहीं है...क्योंकि उन्होंने अपनों को ही बहुत दुख दिए है.... ये बात हम नहीं ये वीडियो देखिए आप खुद समझ जाएंगे.... 

ये हैं CM के करीबी पवन सिंह जो अपने खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई से खफा है... 

पवन सिंह ने भाजपा पर लोगों को ठगने समेत कई आरोप लगाया.... कहा कि मैं किसी भी राजनैतिक दल का गुलाम नही हूं... राजनीति में आना कोई मेरा शौक नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद और गरीबों की मदद करना ही मेरा मूल उद्देश्य है...इतना ही नहीं पवन सिंह ने यह भी कहा है. की योगी ढोंगी है....

UP में विकास के तमाम दावों के बाद भी BJP जहां इस चुनाव को अपने पुराने जांचे-परखे 'हिंदुत्व के मैदान' में खेलने का प्रयास कर रही है.... तो वहीं दूसरी तरफ सपा किसी भी तरह से चुनावी मुकाबले को अपने मैदान में करवाने की कोशिश करती दिखाई दे रही है..... अब इन प्रयासों से क्या गोरखपुर से चुनाव लड़ने में योगी को सफलता मिलेगी.. या नहीं ये देखने वाली बात होगी.. क्योंकि जब अपनों से ही हो जाए बैर तो आगे का क्या होगा... ?अब कौन जितेगा चुनाव कौन बैठेगा मठ में... यो तो आने वाला वक्त बताएगा...लेकिन आप देखते रहिए..मिलते है जल्द एक नए अच्छे हॉट टॉपिक पर...

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ