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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। नवनिर्मित 'कर्तव्य भवन' में तैयार यह पहला बजट तीन मुख्य कर्तव्यों पर केंद्रित बताया गया - उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना, आकांक्षाओं को पूरा करना और क्षमता निर्माण करना, तथा वैश्विक अनिश्चितता के बीच आर्थिक विकास को गति देना।
सीमा शुल्क में राहत, SME के लिए नया फंड
बजट प्रस्तावों के तहत निजी उपयोग के लिए आयातित शुल्क योग्य वस्तुओं पर प्रशुल्क दर 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है। वित्त मंत्री ने उद्यमों के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये की समर्पित एसएमई निधि का भी प्रस्ताव रखा। इसके अलावा दंड और अभियोजन प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी जोर दिया गया।
कुल व्यय में बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2026-27 में कुल व्यय 53,47,315 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान से 7.7 प्रतिशत अधिक है। बजट में नए आयकर अधिनियम 2025 को अप्रैल 2026 से लागू करने की भी पुष्टि की गई, जिसके तहत कर प्रपत्रों को सरल बनाया जाएगा।