2026 के पहले दिन केंद्र सरकार ने देश की आर्थिक नीतियों में कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। इन बदलावों का उद्देश्य वैश्विक मंदी के बीच भी भारत की विकास दर को बनाए रखना और नए रोजगार अवसर पैदा करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शीर्ष स्थान पर बनाए रखने में मदद करेंगे।
सरकार ने बुनियादी ढांचे, डिजिटलीकरण और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके तहत सड़कों, रेलवे और बंदरगाहों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए कर राहत और सब्सिडी योजनाओं को भी विस्तार दिया गया है ताकि छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन मिल सके।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक ने भी भारत के आर्थिक पूर्वानुमान को सकारात्मक नजरिए से देखा है। विदेशी निवेशकों का भारत में विश्वास बढ़ा है और रुपये की स्थिरता में सुधार हुआ है। यह नया वर्ष भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।