उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी दे दी है। यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 800 किलोमीटर लंबा होगा और यात्रा समय को 8 घंटे से घटाकर मात्र 3 घंटे कर देगा। इस प्रोजेक्ट पर अनुमानित लागत 80,000 करोड़ रुपये है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से पूर्वी उत्तर प्रदेश का विकास तेज गति से होगा। बनारस, प्रयागराज और कानपुर जैसे शहरों को राष्ट्रीय राजधानी से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे व्यापार, पर्यटन और निवेश में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है। हजारों लोगों को निर्माण और संचालन में रोजगार भी मिलेगा।
जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) इस प्रोजेक्ट में तकनीकी और वित्तीय सहयोग प्रदान कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा और भविष्य में अन्य राज्यों में भी ऐसे प्रोजेक्ट्स शुरू होंगे।