भारत और चीन के बीच सीमा वार्ता का छठा दौर संपन्न हुआ है। दोनों देशों के सैन्य कमांडर और राजनयिक इस वार्ता में शामिल हुए और सीमा पर तनाव कम करने, patrolling protocols और disengagement के उपायों पर चर्चा की। वार्ता रचनात्मक और सकारात्मक माहौल में हुई।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत अपनी स्थिति पर अडिग है और शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। पिछले कुछ वर्षों से LAC पर तनाव बना हुआ है और दोनों पक्ष इसे सुलझाना चाहते हैं। कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी है जबकि कुछ मुद्दों पर और बातचीत की जरूरत है।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-चीन संबंधों में सुधार क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए शांतिपूर्ण सीमा जरूरी है। वार्ता के सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की जा रही है।