राजस्थान सरकार ने राज्य में जल संरक्षण के लिए एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, पुराने तालाबों और बावड़ियों का जीर्णोद्धार, और ड्रिप इरिगेशन को प्रोत्साहित किया जाएगा। राजस्थान जैसे सूखे प्रांत में यह अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गांव-गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और किसानों को जल संरक्षण तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। जल संरक्षण कार्य करने वाले किसानों को सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। स्कूलों में भी जल संरक्षण शिक्षा शामिल की जाएगी।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और कृषि उत्पादकता बढ़ेगी। स्थानीय समुदायों की भागीदारी इस अभियान की सफलता की कुंजी होगी। राजस्थान का यह मॉडल अन्य सूखे राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक हो सकता है।